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बेहद रोमांचक मैच में मुंबई इंडियंस ने चेन्नै सुपर किंग्स को मात्र 1 रन से हराया

13 मई 2019

रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम मुंबई इंडियंस ने बेहद रोमांचक फाइनल में चेन्नै सुपर किंग्स को मात्र 1 रन से हराकर चौथी बार आईपीएल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए यहां राजीव गांधी इंटरनैशनल क्रिकेट स्टेडियम में रविवार को इस खिताबी मुकाबले में 8 विकेट पर 149 रन बनाए। इसके बाद चेन्नै टीम शेन वॉटसन (80) की उम्दा पारी के बावजूद 7 विकेट पर 148 रन ही बना सकी और रोंगटे खड़े कर देने वाले मैच में 1 रन से हार गई ।

150 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नै टीम के लिए शेन वॉटसन ने 59 गेंदों पर 8 चौके और 4 छक्के जड़े लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। मैन ऑफ द मैच रहे मुंबई के पेसर जसप्रीत बुमराह ने 14 रन देकर 2 विकेट झटके। उनके अलावा क्रुणाल पंड्या, पेसर लसिथ मलिंगा और राहुल चहर को 1-1 विकेट मिला। मुंबई टीम ने 2017 के बाद खिताब अपने नाम किया। वह इससे पहले 2013 और 2015 में भी चैंपियन बनी थी।

शेन वाटसन का रन आउट होना साबित हुआ टर्निंग पॉइंट

शेन वाटसन ने 59 गेंदों पर 8 चौके और चार 6 मारे। वाटसन को इस मैच में तीन जीवनदान भी मिले, लेकिन वह फिर भी चेन्नई को जीत नहीं दिला पाए। इसी के साथ मुंबई ने एक बार फिर चेन्नई को फाइनल जीतने से रोक दिया। यह चौथी बार था तब चेन्नई और मुंबई फाइनल खेल रही थीं जिसमें से तीन बार मुंबई को जीत मिली है। 150 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई ने तेज शुरुआत की लेकिन मुंबई ने तुरंत वापसी करते हुए उसे परेशान किया। लगातार बड़े शॉट मार रहे फैफ डु प्लेसिस (26) को क्रुणाल पंड्या ने क्विंटन डि कॉक के हाथों स्टम्पिंग कराया। वह 33 के कुल स्कोर पर आउट हुए। वाटसन और सुरेश रैना (8) ने टीम का स्कोर 70 तक पहुंचाया।

रैना इसी स्कोर पर आउट हो गए। इसके बाद अंबाती रायुडू (1) जसप्रीत बुमराह का शिकार बने तो महेंद्र सिंह धौनी (2) को ईशान किशन ने सीधे थ्रो पर रन आउट कर पवेलियन भेजा। चेन्नई का स्कोर 4 विकेट पर 82 रन था। यहां से वाटसन ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने मलिंगा के 16 और क्रुणाल के 18वें ओवर में 20-20 रन बटोरते हुए चेन्नई को मैच में बनाए रखा। वाटसन का साथ दे रहे ड्वेन ब्रावो (15) 19वें ओवर में आउट हो गए। आखिरी ओवर में चेन्नई को 9 रन की जरूरत थी। वाटसन के रहते चेन्नई की जीत की उम्मीदें बरकरार थीं। लेकिन चौथी गेंद पर दो रन लेने के चक्कर में वाटसन रन आउट हो गए। अगली दो गेंदों पर चार रन चाहिए थे। ठाकुर ने पांचवीं गेंद पर 2 रन लिए, लेकिन आखिरी गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। जसप्रीत बुमराह रहे ‘मैच ऑफ द मैच’ चुने गए।

मुंबई की पारी

पहली पारी खेलने उतरी मुंबई बड़ा स्कोर नहीं कर पाई। आखिरी के पांच ओवरों में केरन पोलार्ड के रहते हुए मुंबई 47 रन ही बना पाई और इस दौरान उसने तीन विकेट खो दिए। पोलार्ड ने आखिरी ओवर की आखिरी दो गेंदों पर दो चौके मारे लेकिन इससे पहले इसी ओवर में ड्वेन ब्रावो ने उन्हें रोके रखा। पोलार्ड ने 25 गेंदों पर नाबाद 41 रनों की पारी खेली जिसमें तीन चौके और तीन छक्के शामिल रहे। चेन्नई के लिए दीपक चाहर ने 3 विकेट लिए। शार्दुल ठाकुर और इमरान ताहिर को 2-2 सफलताएं मिलीं। रोहित शर्मा (15) और क्विंटन डि कॉक (29) ने शुरुआत से तेजी दिखाई और ठाकुर तथा चाहर पर बड़े शॉट्स लगाए। दोनों की आक्रामकता ज्यादा देर रह नहीं पाई।

वार्नर को ऑरेंज तो ताहिर को मिली पर्पल कैप
ठाकुर ने 45 के कुल स्कोर पर डि कॉक को आउट किया तो इसी स्कोर पर अगले ओवर में चाहर ने रोहित को महेंद्र सिंह धौनी के हाथों कैच कराया। उसे युवा बल्लेबाज ईशान किशन और मुंबई के अनुभवी खिलाड़ी सूर्य कुमार यादव ने स्कोर बोर्ड चालू रखा। इन दोनों ने 11 ओवरों में मुंबई के स्कोर बोर्ड पर 2 विकेट के नुकसान पर 80 टांग दिए थे। चेंज पर गेंदबाजी करने आए ताहिर के ओवर की दूसरी गेंद पर सूर्य कुमार बोल्ड हो गए। सूर्य कुमार ने 17 गेंदों पर एक चौके की मदद से 15 रन बनाए। धौनी ने गेंदबाजी में बदलाव करते हुए ठाकुर को बुलाया जो सफल रहा। ठाकुर ने अपनी ही गेंद पर तकरीबन 50-60 मीटर भाग कर क्रुणाल (7) का कैच पकड़ मुंबई को चौथा झटका दिया। कुछ देर बाद किशन (23) ताहिर की गेंद को लंबा मारने की कोशिश में मिस हिट कर बैठे और सुरेश रैना ने उनका कैच पकड़ा।

मुंबई का स्कोर 15 ओवर बाद पांच विकेट के नुकसान पर 102 रन था। अब मैदान पर मुंबई की अंतिम ओवरों की विशेषज्ञ जोड़ी कीरन पोलार्ड-हार्दिक पंड्या (10) की थी। यह जोड़ी कुछ खास नहीं कर पाई। रैना ने 18वें ओवर की दूसरी गेंद पर हार्दिक का आसान का कैच छोड़ उन्हें एक जीवनदान दिया जिसका फायदा हार्दिक नहीं उठा सके और अगले ओवर में चाहर का शिकार बने। इसी ओवर में चाहर ने अपने भाई राहुल चाहर को बिना खाता खोले पवेलियन भेज मुंबई का स्कोर 7 विकेट पर 140 रन कर दिया। आखिरी ओवर में ब्रावो ने ज्यादा रन खर्च नहीं किए और मुंबई की बड़े स्कोर की आस धरी रह गई। हालांकि, पोलार्ड ने आखिरी 2 गेंदों पर चौके लगाकर मुंबई को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

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