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मालदीव में पीएम मोदी ने कहा – एक समय सीमा के भीतर आतंकवाद पर ग्लोबल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाए

08 जून 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मालदीव की संसद (पीपल्स मजलिस) को संबोधित किया । आतंकवाद को लेकर पीएम मोदी ने पाकिस्तान और चीन का नाम न लेते हुए निशाना साधा । मौजूदा समय में आतंकवाद को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह हर किसी के लिए खतरा बना हुआ है । भाषण में पीएम मोदी ने मालदीव और भारत के रिश्तों को मजबूत करने पर भी जोर दिया ।

मोदी ने कहा, “भारत के सहयोग का आधार लोक कल्याण रहेगा। हमने आज दोनों देशों के बीच समझौता किए। मुझे इस बात की भी खुशी है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार आने वाले मालदीव के नागरिकों को वीजा सुविधा दी गई है। आपसी सहयोग को आगे बढ़ाते हुए आज के संसार की गहन चिंताओं का ध्यान रखना है।”
”ऐसी कोई जगह नहीं है, जहा आतंकवाद अपना भयानक रूप दिखाकर किसी निर्दोष की जान ना ले। उनके ना अपने बैंक हैं, ना संस्था और ना फैक्ट्री। फिर भी उन्हें धन और हथियारों की कमी नहीं होती। उन्हें ये कौन देता है।”

”आतंकवाद की स्टेट स्पॉन्सरशिप सबसे बड़ा खतरा है। लोग अभी भी गुड टेररिज्म और बैड टेररिज्म का भेद करने की गलती कर रहे हैं। पानी अब सर से ऊपर निकल रहा है। आतंकवाद की चुनौती से भली प्रकार से निपटने के लिए सभी मानवतावादी शक्तियों का एकजुट होना जरूरी है। इससे निपटना विश्व के नेतृत्व की सबसे बड़ी चुनौती है जिस तरह विश्व समुदाय ने पर्यावरण के खतरे पर विश्वव्यापी सम्मेलन किए, वैसे आतंकवाद के विषय में क्यों नहीं हो सकते।”
”मैं सभी प्रमुख देशों से अपेक्षा करूंगा कि एक समय सीमा के भीतर आतंकवाद पर ग्लोबल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाए। ताकि आतंकवादी जिन खामियों का फायदा उठाते हैं, उन्हें खत्म करने पर विचार हो। अगर देर की तो आज और आज के बाद आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।”

दुनिया का नायाब नगीना है मालदीव- मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, ”मालदीव यानी हजार से अधिक द्वीपों की माला। यह हिंद महासागर का ही नहीं, पूरी दुनिया का नायाब नगीना है। इसकी असीम सुंदरता और प्राकृतिक सुंदरता हजारों साल से आकर्षण का केंद्र रही है। प्रकृति के साहस के सामने मानव के ये अदम्य साहस का उदाहरण है। मालदीव और इस मजलिस में आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे हर्ष हो रहा है। आपकी संसद ने सर्वसम्मति से मुझे निमंत्रण देने का फैसला लिया। आपके इस व्यवहार ने हर भारतीय के दिल को छू लिया है।”

‘इस सदन में आशाएं और सपने सच में तब्दील होते हैं’

मोदी ने कहा, “मैं दूसरी बार मालदीव आया हूं। दूसरी बार संसद की ऐतिहासिक कार्रवाई का साक्षी बना। पिछले वर्ष मैं बहुत खुशी और गर्व के साथ राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण में शामिल हुआ था। खुले स्टेडियम में यह समारोह आयोजित हुआ था। उस दिन मालदीव में लोकतंत्र की ऊर्जा को महसूस कर मुझे रोमांच का अनुभव हुआ। उस दिन मैंने मालदीव में लोकतंत्र के प्रति आम नागरिक के समर्पण को और प्यार-आदर को भी देखा। यह सदन ईंट-पत्थर से बनी इमारत नहीं है। यह लोकतंत्र की वह ऊर्जा भूमि है, जहां देश की धड़कनें आपकी आवाज और विचारों में घूमती हैं। यहां लोगों की आशाएं और सपने सच में तब्दील होते हैं। यहां लोग सामूहिक संकल्प को सिद्धि में बदलते हैं।”

सम्मान ने पूरे भारत का गौरव बढ़ाया- मोदी

मोदी ने कहा, ”आज मुझे मालदीव के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करके, आप सबने मुझे ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष को एक नया गौरव दिया है। भारत प्राकृतिक आपदा या किसी भीसमस्या में हमेशा मालदीव के साथ खड़ा रहा है।”

बतादें इससे पहले माले के रिपब्लिक स्क्वॉयर में मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद मोदी नेमालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के साथ बैठक की। मोदी ने सोलिह को भारतीय क्रिकेट टीम के हस्ताक्षर वाला बल्ला भेंट किया ।

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