June 26, 2019 2:08 AM
Breaking News
Home / फ़्लैश / चंद्रयान-2 लॉन्चिंग के लिए पूरी तरह तैयार, 15 जुलाई को होगा लांच

चंद्रयान-2 लॉन्चिंग के लिए पूरी तरह तैयार, 15 जुलाई को होगा लांच

12 जून 2019

चंद्रयान-2 लॉन्चिंग के लिए पूरी तरह तैयार है।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. के सिवन ने मंगलवार को कहा कि 15 जुलाई को चंद्रयान-2 तड़के 2.51 बजे आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा। यान 6 या 7 सितंबर को चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के पास लैंड करेगा।

मिशन की सफलता के साथ ही भारत चांद की सतह पर लैंडिंग करने वाला चौथा देश होगा। इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन अपने यानों को चांद की सतह पर भेज चुके हैं। अभी तक किसी भी देश ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास यान नहीं उतारा।

चंद्रयान-2 में सभी पेलोड्स स्वदेशी हैं

चंद्रयान-2 में एक भी पेलोड विदेशी नहीं है. इसके सभी हिस्से पूरी तरह से स्वदेशी हैं, जबकि, चंद्रयान-1 के ऑर्बिटर में 3 यूरोप और 2 अमेरिका के पेलोड्स थे। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो 11 साल बाद एक बार फिर चंद्रमा की सतह को खंगालने के लिए तैयार है ।

मिशन पर खर्च होंगे 603 करोड़ रुपए

चंद्रयान-2 को जीएसएलवी एमके-3 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। 380 क्विंटल वजनी स्पेसक्राफ्ट में 3 मॉड्यूल ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) होंगे। ऑर्बिटर में 8, लैंडर में 3 और रोवर में 2 यानी कुल 13 पेलोड होंगे। पूरे चंद्रयान-2 मिशन में 603 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। जीएसएलवी की कीमत 375 करोड़ रु. है।

दक्षिणी ध्रुव के पास उतरेगा चंद्रयान-2

इसरो ने उम्मीद जताई है कि चंद्रयान-2 चंद्रमा पर 6 सितंबर को दक्षिणी ध्रुव के पास उतरेगा । चंद्रयान-2 के तीन हिस्से हैं, जिनके नाम ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) हैं । इस प्रोजेक्ट की लागत 1000 करोड़ रुपए है । अगर मिशन सफल हुआ तो अमेरिका, रूस, चीन के बाद भारत चांद पर रोवर उतारने वाला चौथा देश होगा ।

सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 से होगी लॉन्चिंग

चंद्रयान-2 इसरो के सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 से पृथ्वी की कक्षा के बाहर छोड़ा जाएगा । फिर उसे चांद की कक्षा में पहुंचाया जाएगा. करीब 55 दिन बाद चंद्रयान-2 चांद की कक्षा में पहुंचेगा । फिर लैंडर चांद की सतह पर उतरेगा ।इसके बाद रोवर उसमें से निकलकर विभिन्न प्रयोग करेगा । चांद की सतह, वातावरण और मिट्टी की जांच करेगा । वहीं, ऑर्बिटर चंद्रमा के चारों तरफ चक्कर लगाते हुए लैंडर और रोवर पर नजर रखेगा. साथ ही, रोवर से मिली जानकारी को इसरो सेंटर भेजेगा ।

मिशन कितने दिनों का

ऑर्बिटर- 1 साल, लैंडर (विक्रम)- 15 दिन, रोवर (प्रज्ञान)- 15 दिन

मिशन का कुल वजनः 3877 किलो

ऑर्बिटर- 2379 किलो, लैंडर (विक्रम)- 1471 किलो, रोवर (प्रज्ञान)- 27 किलो

ऑर्बिटरः चांद से 100 किमी ऊपर इसरो का मोबाइल कमांड सेंटर

चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चांद से 100 किमी ऊपर चक्कर लगाते हुए लैंडर और रोवर से प्राप्त जानकारी को इसरो सेंटर पर भेजेगा. इसमें 8 पेलोड हैं. साथ ही इसरो से भेजे गए कमांड को लैंडर और रोवर तक पहुंचाएगा. इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाकर 2015 में ही इसरो को सौंप दिया था.

प्रज्ञान रोबोट के कंधे पर पूरा मिशन, 15 मिनट में मिलेगा डाटा

27 किलो के इस रोबोट पर ही पूरे मिशन की जिम्मदारी है । इसमें 2 पेलोड हैं। चांद की सतह पर यह करीब 400 मीटर की दूरी तय करेगा. इस दौरान यह विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग करेगा । फिर चांद से प्राप्त जानकारी को विक्रम लैंडर पर भेजेगा । लैंडर वहां से ऑर्बिटर को डाटा भेजेगा । फिर ऑर्बिटर उसे इसरो सेंटर पर भेजेगा । इस पूरी प्रक्रिया में करीब 15 मिनट लगेंगे । यानी प्रज्ञान से भेजी गई जानकारी धरती तक आने में 15 मिनट लगेंगे ।

11 साल क्यों लगे चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग में

नवंबर 2007 में रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस ने कहा था कि वह इस प्रोजेक्ट में साथ काम करेगा। वह इसरो को लैंडर देगा । 2008 में इस मिशन को सरकार से अनुमति मिली. 2009 में चंद्रयान-2 का डिजाइन तैयार कर लिया गया । जनवरी 2013 में लॉन्चिंग तय थी, लेकिन रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस लैंडर नहीं दे पाई । फिर इसकी लॉन्चिंग 2016 में तय की गई । हालांकि, 2015 में ही रॉसकॉसमॉस ने प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिए ।

फिर…इसरो ने खुद बनाया स्वदेशी लैंडर, रोवर

इसरो ने चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग मार्च 2018 तय की. लेकिन कुछ टेस्ट के लिए लॉन्चिंग को अप्रैल 2018 और फिर अक्टूबर 2018 तक टाला गया । इस बीच, जून 2018 में इसरो ने फैसला लिया कि कुछ जरूरी बदलाव करके चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग जनवरी 2019 तय हुई । फिर इसे फरवरी 2019 किया गया. अप्रैल 2019 में भी लॉन्चिंग की खबर आई थी, पर हुई नहीं।

Check Also

राजस्थान में कर्ज से डूबे किसान की मौत, सुसाइड नोट में गहलोत और सचिन पायलट को बताया दोषी

25 जून 2019 किसानों को लेकर देश में लगातार कई बड़ी-बड़ी बातें होती हैं लेकिन …

error: