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ग्रामों में स्थित तालाबों की हालत बद से बदतर

12 जून 2019
सतीश चंद्र मिश्र(संवाददाता)

अदलहॉट/ मिर्जापुर। ग्रामों में स्थापित कच्चे-पक्के तालाबों एवं करो की साफ-सफाई तथा उसने जलभराव को इसके अस्तित्व को कायम रखने के सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशन के बावजूद भी ग्राम सभाओं में स्थापित ओ करो तालाबों की स्थिति बद से भी बदतर हो गई है गांव के लोगों के नाम दान के पानी जहां स्वच्छ जल को इस प्रयोग व दुर्गंध बना दे रहा है वहीं कुछ दबंगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए मिट्टी द्वारा भराई पटाई निर्माण पर उसके अस्तित्व पर ही प्रहार कर रहे हैं जिसका जीता जागता उदाहरण तहसील चुनार के विकासखंड अंतर्गत ग्रामसभा नेवादा में देखने को मिलता है बताया जाता है कि उक्त गांव में अराजी नंबर 8 एक बीघा 5 बिस्वा तालाब के रूप में राजस्व विभाग के अभिलेखों में आज भी दर्ज है किंतु मौजूदा हालत में गांव के तमाम घरों के नाम का पानी इसी तालाब में गिरने से इसका पानी दूषित हो गया है जो पशुओं के काबिल भी नहीं है इतना ही नहीं मिट्टी की लड़ाई का कुछ लोग कब्जा करने के इलाज में है तथा एक दबंग व्यक्ति मकान का न्यू भी डाल कर निर्माण करने की ओर अग्रसर है ग्रामीणों के अनुसार 2 वर्ष पूर्व एक व्यक्ति की शिकायत पर राजस्व विभाग की टीम द्वारा इसकी माफी कराई गई थी तथा तथा ग्राम प्रधान द्वारा कुछ खुदाई भी हुई थी किंतु काम बंद हो जाने के बाद फिर आज तक उस उसके रखरखाव व सफाई का कोई ख्याल नहीं किया गया और उसका अस्तित्व उन्हें समाप्त होने लगा है ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं मंगलवार को कुछ ग्रामीणों ने तालाब पर प्रदर्शन करते हुए गिर रहे गंदे पानी को रोकने तथा साफ सफाई कर उसके अस्तित्व को कायम रखने की मांग प्रशासन से की है प्रदर्शनकारियों करने वालों में ग्रामसभा नवादा निवासी ओमप्रकाश सिंह बृजेश सिंह सेवालाल सिंह सुरेश कुमार विपिन सिंह जगदीश सिंह राम लाल श्याम लाल रामचंद्र प्रदीप चंद्रेश अनुज कुमार अखिलेश सिंह शामिल

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