Sonbhadra News : अपहरण गिरोह चलाने वाले गैंग लीडर सहित पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा
यूपी-बिहार सीमा क्षेत्र में वर्षों तक अपहरण गिरोह चलाने वाले बलवंत यादव और उसके चार साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी पर 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। 2009 में मांची.....

sonbhadra
11:15 PM, February 23, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । यूपी-बिहार सीमा क्षेत्र में वर्षों तक अपहरण गिरोह चलाने वाले बलवंत यादव और उसके चार साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी पर 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। 2009 में मांची थाने में दर्ज किए गए मामले की एडीजे प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी ने सोमवार को सुनवाई की। आदेश दिया कि अगर दोषी अर्थदंड अदा नहीं करते हैं तो उन्हें छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पन्नूगंज थाना क्षेत्र के नरोत्तमपुर निवासी रमाकांत देव पांडेय ने 28 जनवरी 2009 को मांची थाने पहुंचकर तहरीर सौंपी थी। बताया था कि उसकी बस राॅबर्ट्सगंज से खलियारी तक संचालित होती थी। सवारियों की जरूरत पर कभी-कभी बस चरगड़ा तक चली जाती थी। 19 जनवरी 2009 को भी बस चरगड़ा गई थी। उस बस में उनका भतीजा रिंकू पांडेय भी था। गाड़ी पीरू मियां के दरवाजे पर खड़ी थी। रात 12.30 बजे 12 हथियारबंद बदमाश आए और वहां चालक सहित सभी को जगाकर रिंकू के बारे में पूछने लगे। शोर पर गांव के लोग भी आ गए। वहां मौजूद सभी के लिए खतरा देख रिंकू ने अपना नाम बता दिया। इसके बाद वह रिंकू को लेकर चले गए। उसे सात दिन तक जंगल और उससे सटे गांवों में रखे रहे। फोन कर पहले 25 लाख की मांग की गई। लगातार बातचीत के बाद ढाई लाख लेकर उसे छोड़ने के लिए तैयार हो गए। रुपये न देने या पुलिस को सूचना देने पर रिंकू को मारने की धमकी देते रहे। 25 जनवरी को 2.50 लाख रुपये की बात कह कर मोबाइल काट दिए कि यदि पैसा उसके बताए स्थान पर लेकर नहीं आओगे तो रिंकू काटकर मार डालेंगे। 26 जनवरी के साथ बलवंत के बताए स्थान पर पहुंचे तो वहां बलवंत निवासी चौधरना, थाना अधौरा, भभुआ के साथ सुरेंद्र यादव मौजूद था। वहां से कंदरा तक ले गए जहां रिंकू को रखा गया था। वहां छोटू निवासी रायपुर, नंदू यादव निवासी मइया थाना अधौरा, बलवंत का भाई नमस्कार यादव, बहादुर उर्फ लाल बहादुर निवासी कैशरोड़ा थाना अधौरा मौजूद थे। ढाई लाख देने के बाद दोपहर तीन बजे रिंकू को छोड़ा गया। मामले में पुलिस ने सात नामजद और पांच अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की और चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दी। सामने आए सबूत, गवाहाें के बयान और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर छोटू उर्फ इसराइल, बलवंत, सुरेंद्र, नंदू और बहादुर उर्फ लाल बहादुर को दोषी पाया गया।



