Sonbhadra News : अब वाहनों के फिटनेस की जांच होगी आसान, जिले में खुला मंडल का पहला ऑटोमेटिक परीक्षण केंद्र
जिले के वाहन मालिकों को अब अपने वाहनों की फिटनेस जांच के लिए दूसरे जनपदों में नहीं जाना पड़ेगा। वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए जनपद को मंडल के पहले......

ऑटोमेटिक फिटनेस जांच केंद्र का उद्घाटन करते RTO उदय बीर सिंह व अन्य.....
sonbhadra
10:53 PM, February 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिले के वाहन मालिकों को अब अपने वाहनों की फिटनेस जांच के लिए दूसरे जनपदों में नहीं जाना पड़ेगा। वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए जनपद को मंडल के पहले आधुनिक स्वचालित परीक्षण केंद्र (Automated Testing Stations) की सौगात मिली है। पीपीपी मॉडल पर स्थापित पहले स्वचालित परीक्षण केंद्र का आज RTO मिर्जापुर उदय वीर सिंह ने फीता काटकर शुभारंभ किया। इस दौरान ब्रेक, स्टीयरिंग, सस्पेंशन और उत्सर्जन स्तर जैसी स्वचालित परीक्षण प्रक्रियाओं का लाइव डेमो दिखाया गया।
इस दौरान RTO उदय वीर सिंह ने बताया कि "सोनभद्र जिले के लिए यह एक बड़ी सौगात है, क्योंकि यहां वाहनों की संख्या अधिक है और पहले फिटनेस के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता था। यह केंद्र बिना मानवीय हस्तक्षेप के मशीनों द्वारा ब्रेक, सस्पेंशन, और प्रदूषण की जांच कर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करेगा, जिससे सड़क सुरक्षा में सुधार और फर्जी प्रमाणपत्रों पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र वाहन फिटनेस प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करेगा। सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है।"
संचालनकर्ता कम्पनी के प्रबंधक विशाल त्रिवेदी ने बताया कि "कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच करने के लिए अब घंटों इंतजार करना नहीं पड़ेगा और एआरटीओ कार्यालय के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। स्कैनर से एक बार गाड़ी गुजरेगी और 15 मिनट के अंदर प्रमाणपत्र मिल जायेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र पर वाहनों को सभी तकनीकी पद्धति के पहलुओं को परखते हुए फिटनेस टेस्ट होगा। वाहन की बॉडी से लेकर सेफ्टी मेजर्स की भी ऑटोमेटिक जांच होगी। नये और पुराने वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अधिकृत केंद्र के रूप में यह सेंटर कार्य करेगा। इससे वाहन मालिक मोटर वाहन सुरक्षा नियमों का पालन आसानी से कर सकेंगे। यह केंद्र सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है, जहां परीक्षण पूरी तरह स्वचालित मशीनों से किया जाएगा। इससे न केवल प्रक्रिया अधिक सटीक और निष्पक्ष होगी, बल्कि फर्जी प्रमाणपत्र और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकश लगेगा।"
इस अवसर पर फिटनेस केंद्र के संचालक राजेश त्रिवेदी, राजेंद्र कुमार, एआरटीओ कौशल सिंह, आरआई पीयूष, मयंक, उमंग, मोहित, प्रमोद, अजय सिंह अंकित पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में वाहन स्वामी और विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।



