Sonbhadra News : रामपुर के अधिवक्ता की हत्या पर आक्रोश, सोनभद्र में वकीलों ने प्रदर्शन किया अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
रामपुर जनपद में वरिष्ठ अधिवक्ता फारूख अहमद खान की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई निर्मम हत्या के बाद प्रदेशभर के अधिवक्ता संगठनों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है। इस जघन्य वारदात को न्याय व्यवस्था पर.....

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते अधिवक्तागण.........
sonbhadra
10:28 PM, February 12, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । रामपुर जनपद में वरिष्ठ अधिवक्ता फारूख अहमद खान की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई निर्मम हत्या के बाद प्रदेशभर के अधिवक्ता संगठनों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है। इस जघन्य वारदात को न्याय व्यवस्था पर सीधा हमला बताते हुए सोनभद्र के अधिवक्ताओं ने आज सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंच सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने साथ ही अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की मांग की।
सोबाए अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि "अधिवक्ताओं पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो यह असंतोष पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है। विभिन्न जिलों के बार एसोसिएशनों से आंदोलन की रणनीति पर बातचीत शुरू हो चुकी है। अधिवक्ता संगठनों ने सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी मांग की है, ताकि वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उनका कहना है कि जब तक अधिवक्ताओं को कानूनी संरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल हैं। उन्होंने सोनभद्र के लोढ़ी में संचालित टोल बूथ को अवैध करार देते हुए तत्काल हटाने अन्यथा UP64 के अभी वाहनों को टोल फ्री किए जाने की मांग की।"
महामंत्री योगेश द्विवेदी ने बताया कि "कानून के रक्षक माने जाने वाले अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। दिन-दहाड़े हुई यह वारदात पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान है। अधिवक्ता समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। वहीं उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय पर लगभग 1300 अधिवक्ता है। कुछ ओबरा, दुद्धी, रेनूकूट के अधिवक्ता जो नियमित मुख्यालय रावर्ट्सगंज में स्थित मुख्यालय पर न्यायिक कार्यवाही के लिए अपने वाहनों से आते हैं। जिला मुख्यालय से सटे दो किलोमीटर दूरी पर टोल प्लाजा विधि विरुद्ध तरीके से लगाया गया है, जो नगर पालिका सीमा अन्तर्गत सेन्चुरी एरिया में भी पड़ता है। टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं को बार-बार टोल देना पड़ता है। इससे वादकारी हितार्थ आने-जाने वाले अधिवक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। ऐसे में अधिवक्ताओं के लिए एक व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए टोल टैक्स से मुक्त किया जाय।"
अधिवक्ता आशुतोष कुमार दुबे 'आशु' ने कहा कि "वकीलों के साथ आये दिन हो रही इस तरह की घटनायें घोर निन्दनीय है। ऐसी घटनाओं से अधिवक्ताओं में काफी रोष व्याप्त है। स्थानीय पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से हम अधिवक्ता समाज काफी मर्माहत है। उन्होंने मांग किया कि रामपुर में वकील की हत्या के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाए। मृतक अधिवक्ता के परिजनों को 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलाई जाए। परिवार के एक सदस्य को तत्काल नौकरी दी जाय। वहीं आये दिन हो रही अधिवक्ताओं के साथ इस तरह की घटना को देखते हुए तत्काल कठोर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाय।"
महिला अधिवक्ता गीता गौर का कहना था कि "अपराधी बेखौफ हो चुके हैं और अब न्याय के प्रहरियों पर भी हमले हो रहे हैं। अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट जल्द से जल्द लागू होना चाहिए।"
इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविंद मिश्रा, कोषाध्यक्ष बंशीधर पाण्डेय, गजेन्द्र नाथ दीक्षित, प्रभाकर श्रीवास्तव, पुष्पा तिग्गा, परवेज अख्तर खान, नरेंद्र कुमार पाठक, प्रभाकर श्रीवास्तव, शेष नारायण दीक्षित, रमेश प्रसाद चौबे, राजीव सिंह गौतम, गोविन्द प्रसाद मिश्रा, कमलेश पाण्डेय, ओम कुमार चतुर्वेदी, संतोष सिंह पटेल, विमलेश पाण्डेय, शारदा प्रसाद मौर्य, अरुण कुमार सिंघल, त्रिपुरारी मिश्रा, मनोज मिश्रा, राहुल जैन, सूरज वर्मा, ज्वाला प्रसाद, शक्ति सेन सहित बड़ी संख्य में अधिवक्तागण मौजूद रहे।



