UP News : योगी सरकार की बड़ी पहल, 'स्कूल चलो अभियान’ को मिशन मोड में किया लागू
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि 6 से 14 वर्ष तक का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, उसका स्कूल में नामांकन हो और स्कूल में रहकर शिक्षा प्राप्त करे।

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9:55 PM, April 25, 2026
० झुग्गी-झोपड़ियों से ईंट-भट्ठों तक बच्चों को स्कूल से जोड़ने का 1 मई से चलेगा अभियान
० नामांकन के साथ स्कूल में रहकर बच्चे शिक्षा प्राप्त करे, सरकार की प्राथमिकता
० जन आंदोलन बनेगा ‘स्कूल चलो अभियान’, हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ेंगे- बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह
लखनऊ । योगी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए ‘स्कूल चलो अभियान’ को मिशन मोड में लागू कर दिया है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि 6 से 14 वर्ष तक का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, उसका स्कूल में नामांकन हो और स्कूल में रहकर शिक्षा प्राप्त करे। इसी क्रम में 1 मई 2026 से प्रदेशभर में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत श्रमिक बस्तियों, ईंट-भट्ठों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर विद्यालयों में नामांकित किया जाएगा। यह अभियान खास तौर पर आउट-ऑफ-स्कूल और ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर केंद्रित होगा। दिव्यांग बच्चों को स्पेशल एजूकेटर के सहयोग से चिन्हित कर उनका नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा, वहीं ड्रॉपआउट बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिलाया जाएगा।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने इस अभियान को लेकर कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य केवल नामांकन ही नहीं, बल्कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है। ‘स्कूल चलो अभियान’ को जन आंदोलन बनाकर हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। ड्रॉपआउट बच्चों की वापसी, बालिकाओं की शिक्षा और ट्रांजिशन दर बढ़ाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह समावेशी बने, जहां समाज के हर वर्ग के बच्चों को समान अवसर मिले। इसी उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि प्रत्येक बच्चे का नामांकन सुनिश्चित कराया जाए। ‘स्कूल चलो अभियान’ के प्रथम चरण (1 से 15 अप्रैल) में 3 वर्ष पूर्ण करने वाले बच्चों का आंगनवाड़ी/बाल वाटिका में नामांकन, 6 वर्ष के बच्चों का कक्षा-1 में प्रवेश और 7 से 14 वर्ष के ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। अब दूसरे चरण में इसे और तेज करते हुए छूटे हुए बच्चों तक सीधी पहुंच बनाई जाएगी। साथ ही कक्षा 5 से 6, 8 से 9 और 10 से 11 तक 100 प्रतिशत ट्रांजिशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पढ़ाई बीच में न छूटे। आरटीई के अंतर्गत निजी विद्यालयों में लॉटरी के माध्यम से चयनित बच्चों का शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित कराने पर भी विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे।
वहीं, विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के तहत व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। पिछले वर्षों में 19 मानकों के आधार पर विद्यालयों का संतृप्तीकरण किया गया है। अब पुनः विशेष अभियान चलाकर शेष अवस्थापना संबंधी कमियों की पहचान कर उन्हें सीएसआर और अन्य संसाधनों के माध्यम से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ‘विद्यांजलि पोर्टल’ पर सभी विद्यालयों को ऑनबोर्ड कर गैप एनालिसिस दर्ज कराने और स्वयंसेवी संस्थाओं/वालंटियर्स के सहयोग से सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित करने को कहा गया है।



