लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को नहीं मिल सकी मंजूरी, 54 वोट से गिरा बहुमत
सरकार द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े तीन विधेयकों को बड़े जोर-शोर से पेश किया गया था, लेकिन लोकसभा में इन्हें मंजूरी नहीं मिल सकी। 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी

delhi
11:31 PM, April 17, 2026
सरकार द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े तीन विधेयकों को बड़े जोर-शोर से पेश किया गया था, लेकिन लोकसभा में इन्हें मंजूरी नहीं मिल सकी। 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए सदन में दो-तिहाई बहुमत आवश्यक था, पर यह प्रस्ताव जरूरी आंकड़े से 54 वोट कम रह गया। इस पर कुल 528 मत पड़े, जबकि पास होने के लिए 352 वोट की जरूरत थी।
विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने समर्थन जुटाने की कोशिश की। वहीं कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया और सदन में जोरदार आपत्ति दर्ज कराई।
चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की भूमिका पर भी सबकी नजर रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इस विधेयक के स्वरूप को लेकर असहमति जताते हुए इसके विरोध में मतदान किया।
विधेयक के पारित न हो पाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस रणनीति को लेकर गृहमंत्री अमित शाह की अगुवाई में एक अहम बैठक हुई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष जे. पी . नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।



